Tuesday, October 13, 2026

मेरे गीतों से गहन

 

तू है तो सही
पर.. कहां?



तू!

मेरे शब्दों से परे
मेरी सोच से आगे
मेरे दुखों से गहरा
मेरी आत्मा से पुरातन
मेरे गीतों से गहन
मेरी दुनिया से विस्तृत
मेरे आश्रय से विराट
ऐ मेरे आह्लाद!
तू है तो सही
पर.. कहां?


                                                           ~ मीमांसा