रोशनाई है नीला आसमान
खुदा की कलम में
रोशनाई है नीला आसमान।
धरती के प्यार में
लिखे उसने नाचते निर्झर;
उमंग में बहतीं नदियाँ लिखीं
और लिखीं छोटी छोटी
उन्मुक्त जलधाराएँ,
उर्मियों में हुलसता समुंदर लिखा है उसने
जब भी लिखा एक जीवन लिखा है उसने।
~ रश्मि मीमांसा

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