Wednesday, August 19, 2026

खुदा की कलम में

 

रोशनाई है नीला आसमान



खुदा की कलम में
रोशनाई है नीला आसमान।


धरती के प्यार में
लिखे उसने नाचते निर्झर;
उमंग में बहतीं नदियाँ लिखीं
और लिखीं छोटी छोटी
उन्मुक्त जलधाराएँ,

उर्मियों में हुलसता समुंदर लिखा है उसने
जब भी लिखा एक जीवन लिखा है उसने।

~ रश्मि मीमांसा 

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